Image Courtesy: Sue Vincent

Mountains, flowers, greenery & river.
Will they reveal their innermost secrets forever,
Ask people who are the worshipers of art,
For them these are token of love like a sweetheart,
By the beloved God.
The gentle breeze, the soothing nature,
Is nothing but love by the almighty God for his beloved creature,
The Sun will always be there bright and shine,
The earth is the sweetest place for us to be on as God’s shrine.

With love ❤️🌸,

This is a response to the #writephoto : Token curated over at Sue Vincent’s Daily Echo.

Image Courtesy : Sue Vincent

© Anjali Sharma, Positive Side Of The Coin

69 comments

  1. Beautiful poem yes “Mountains, flowers, greenery & river will they reveal their innermost secrets”? I think their secret is that they are never in a hurry yet everything gets done! Nice blog.
    Cheers and regards 😀

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  2. हम माता कहते पृथ्वी को
    कोई धरा यहां पे कहते
    माता की हैं पुत्री प्रकृति
    हरियाली उसको कहते।।

    आज कह रही वो हरियाली
    थोड़ी जमीन हमको दे दो
    स्थायित्व अपना चाहती हु
    थोड़ा इंसाफ तो आप कर दो।।

    पुत्री को माँ से जुदा किया
    कहते इंसान उसको
    अन्याय हो रहा साथ हमारे
    कोई टोके ना उसको।।

    हो देवी तुम भी नारी
    नारी की पीड़ा समझो
    थोड़ी जमीन दे दो मुझको
    हरियाली फैलानी मुझको।।

    देना चाहती छाव धरा पर
    हो पक्षियों का कलरव वहाँ
    मातृभूमि को समर्पित जीवन
    सिर्फ प्रकृति जीती हैं यहां।।

    अहसान होगा आपका हम पर
    विनती आपसे कर रहे
    पीड़ित प्रकृति बोल रही
    जिसको देख आप मुस्करा रहे।।

    Liked by 2 people

    1. बहुत खूब लिखा है आपने। पीड़ित प्रकृति आज भीख मांग रही है-हमे उसकी व्यथा सुनना होगा, हमारी खुद की भलाई के लिये सुनना होगा। आपकी यह कविता बहुत अच्छी लगी। 👏👏👏

      Liked by 2 people

      1. काश सुनना कर्म होता
        करने से बेहतर यहा
        सुनते ही हो जाते कर्म वो
        जो हाथो से इंसान करता यहां।।

        प्रकृति बोले व्रक्ष लगाओ
        करती समर्पण अपना
        तन मन धन सब दिया हैं उसको
        इंसान हैं पुत्र अपना।।

        इंसान बोले बहुत बेहतर
        बहुत बेहतर कर्म है सुनना
        प्रकृति देवी अपनी राह खुद चुनो
        इंसान स्वार्थी हैं अभी यहां।।

        Liked by 3 people

              1. अच्छा कहौ तो उन को कहो
                जिन्होंने यह गुण आपको दिया
                कहते श्री गणेश,सरस्वती,मा गायत्री उनको
                है सब ज्ञान के देव यहां।।

                कभी घमण्ड ना करना आप
                नम्रता वास रखना सदा
                विनम्रता में बसते वो सदा
                ज्ञान अपार वो देते सदा।।

                Liked by 1 person

  3. सब कहते हैं प्यार वही बसता
    जहां खिलते है फूल यहां
    नव जीवन का उदय दर्शाता
    हैं प्यार का अद्भुत परिणाम यहां।।

    Liked by 2 people

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